"कोशिश"
हर कोई अपनी लड़ाई लड़ रहा है,
तुम्हे भी लडना होगा
जीतोगे,
यकीन मानो,
और अगर ना भी जीते तो क्या हुआ,
फिर कोशिश करना,
और इस बार तुम्हारे साथ तुम्हारा अनुभव होगा,
जब बचपन में,
चलना सीख रहें थे,
तब क्या गिरे नहीं थे?
गिरे थे ना,
तो क्या छोड़ दिया था, चलना?
नहीं,
तो फिर उठो,
कोशिश करो,
खुद पर यकीन करना सीखों,
भूखे शेर को भी पेट भरने के लिए,
शिकार करने जाना पड़ता हैं...
तुम तो फिर भी इन्सान हो,
आगे बढ़ो,
कोशिश नहीं करोगे, तो गिरोगे कैसे,
गिरोगे नहीं तो सिखोगे कैसे,
सिखोगे नहीं तो आगे बढो़गे कैसे?
तो कोशिश करते रहा करो.
-खुश्बु छाटबार