मिथलेश जी ,
आज सुबह लगभग ७ बजे मैं इनसे मिली , जब मैं मैट्रो पर जाने के लिए रिक्शे का इंतजार कर रही थी । मैम opposite direction में थी , मुझे देखकर अपना रिक्शा घुमाते हुए मेरी तरफ आई और मैंने भी तुरन्त E-Rikshaw ले लिया ।
मुझे उनसे मिलकर उनके बारे में जानने की इच्छा हुई ।
Laws of communication को follow करते हुए मैंने बोला - मैम आप अच्छा रिक्शा चलाती हैं ।
मिथलेश जी - हस्ते हुए,, बस मैडम यही एक समय मिलता है , जब चला पाती हूं ।
Me - पर आप तो अच्छा चलाना जानती हो , आपको तो चलाना चाहिए ।
मिथलेश जी - ये रिक्शा तो मेरे हसबैंड चलाते है , अभी वो सो रहे हैं तो इस टाइम मैं चला लेती हूं ।
घर में बस थोड़ी मदद हो जाती है ।
Me - तो आप बाकी पूरा दिन क्या करती हैं ?
मिथलेश जी - मैडम बाकी समय मैं सब्जियां बेचती हूं ।
Excitement के साथ बताते हुए मैडम , सब्जियां बेचकर ही तो अभी हमने ये रिक्शा खरीदा है और जल्दी ही अपना एक छोटा सा घर भी लेने वाले हैं ।।
ये सब बातें चल ही रही थी कि मेट्रो पहुंच गई और उनसे मिलकर मुझे इतना अच्छा लगा कि खुद की उनके साथ फोटो लेने से खुद को रोक नहीं पाई ।
और हैरानी तो तब हुई , जब मालूम पड़ा "She is 8 Months pregnant" ..
और उनके चहरे पर लगातार वो smile वाकई सराहनीय है ।
ज़िंदगी तो हम सभी जी रहे हैं , फर्क सिर्फ इतना है , कुछ हालातो से लड़ते हुए काट रहे हैं , तो कुछ उन्हीं हालातो में खुश होकर जी रहे हैं ।
जैसे ही मैं आगे जाने लगी पीछे से मिथलेश जी आवाज़ लगाते हुए मैडम मुझसे मिलने जरूर आइएगा ( अपना address बताते हुए )
सच में मिथलेश जी से मिलकर बहुत अच्छा लगा ।
काश मैं उनसे दुबारा मिलूं और उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी शेयर कर सकूं ।