कितने सालों बाद मुलाकात हुई,
किस्मत से कहो या, संयोग से,
मेरे साथ कुछ बाते कर, चली जाती तो
समझ जाता कि, अब तुम्हे परवाह नही मेरी,
पर तुम तोह मुझे नजरअंदाज कर रही थी।
इसका मतलब अब भी तुम्हारे दिल मे मेरे लिए कुछ तोह है,
नफरत या प्यार!
-Utkarsh Duryodhan