मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊँगा
मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊँगा
मुझे ऐसा लगता है, तुझे कैसा लगता है
हो ओ ओ मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाउंगी
मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाउंगी
मुझे ऐसा लगता है, तुझे कैसा लगता है
कुछ दिन से मैं टूटा टूटा रेहता हूँ
अपने दिल से से रूठा रूठा रेहता हूँ
कुछ दिन से मैं खोयी खोयी रेहती हूँ
जागु भी तो सोई सोई रेहती हूँ
दीवानी आज नहीं तो कल हो जाउंगी
मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाउंगी
मुझे ऐसा लगता है, तुझे कैसा लगता है
जी चाहे तेरी आँखों में खो जाऊं
आज अभी इस वक़्त मैं तेरी हो जाऊं
कब तक आखिर हम मिलने को तरसेंगे
कब सावन आएगा बादल बरसेंगे
तू मस्त पवन बन जा, मैं बादल बन जाऊँगा
मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊँगा
मुझे ऐसा लगता है, तुझे कैसा लगता है
तुझ बिन लब पर कोई नाम नहीं आता
दिल को तड़पे बिना आराम नहीं आता
दोनों तरफ लगी है आग बराबर ये
रख देगी बस हमको राख बनाकर ये
तू भी जल जायेगी, मैं भी जल जाऊँगा
मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊँगा
मुझे ऐसा लगता है, तुझे कैसा लगता है
हो ओ ओ मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाउंगी
मुझे ऐसा लगता है, तुझे कैसा लगता है