तुझे देख देख सोना, तुझे देख कर है जगना
मैंने ये जिंदगानी, संग तेरे बितानी
तुझमें बसी है मेरी जान हाय
जिया धड़क धड़क, जिया धड़क धड़क, जिया धड़क धड़क जाए
कबसे है दिल में मेरे, अरमां कई अनकहे
इनको तू सुन ले आजा, चाहत के रंग चढ़ा जा
कहना कभी तो मेरा मान हाय
जिया धड़क धड़क...
लगता है ये क्यों मुझे, सदियों से चाहूँ तुझे
मेरे सपनो में आ के, अपना मुझको बना के
मुझपे तू कर एहसान हाय
जिया धड़क धड़क...
Movie/Album: कलयुग (2005)
Music By: फैज़ल रफ़ी, रोहैल हयात
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: राहत फ़तेह अली खान