जिस्म को छूना नहीं…
रूह को छू लेना है इश्क़…!
किसी को पाना नहीं…
खुद को समर्पित कर देना है इश्क़…!
किसी हद में नहीं…
बेहद है इश्क़…!
जुनून नहीं…
सुकून है इश्क़…!
मुकम्मल ही नहीं…
नामुकम्मल भी है इश्क़…!
बेचैन नहीं…
चैन है इश्क़…!
ख़ुदा की दुआ है इश्क़…
ख़ुदा तक पहुंचने के लिए…!
-Naina Gupta