कितना प्यारा है ये चेहरा
जिसपे हम मरते हैं
ये ना जाने के इसे
कितना प्यार करते हैं
कितना प्यारा है...
दर्द-ओ-ग़म मिल के सहेंगे ये इरादा कर लें
हम ना टूटेंगे कभी आओ ये वादा कर लें
हम बिखर जाने के ख़याल से भी डरते हैं
कितना प्यारा है...
ये सफ़र प्यार का होता है बड़ा ही मुश्किल
गिर के जो संभले, उसी को मिले इसमें मंज़िल
राह कैसी भी हो हम शौक से गुज़रते हैं
कितना प्यारा है...
Movie/Album: राज़ (2002)
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अल्का याग्निक, उदित नारायण