उजालों में कई जख्म दिल को चीर के निकलते है, कई अल्फ़ाज़ अंधेरों में जहन को जलता छोड़ जाते है, ये आदत हो गई है , जनाब सुबह से ज्यादा रात की नींद खामोशी वाली चुभती है।
उसकी चाहत में जीने की उम्मीद बनाऊंगा,
उसके हर लफ्ज़ में एक आईना बन जाऊंगा,
उसे त्याग कर के कैसे बड़ा बन जाऊंगा।
एक पल में हो गया सबकुछ फ़नाह,
फकत मेने इश्क़ करने का किया है गुनाह।
में आज तक उसका इंतजार कर रहा हूं,
कमबख्त मुझे मौत ने भी ना दी पनाह।
ए- हुस्न - की - राजकुमारी💞