🌹सत्यनाम 🌹
अनेक बंधन से बांधिया, एक बिचारा जीव ।
अपने बल छूटे नही, तुमही छुडाओ पीव ।।
इस संसार मे मानव जन्म से लेकर माया के आकर्षण मे फंस कर अनेक प्रकार के भव बन्धनो मे बुरी तरह से जकड़ जाता है ।
अज्ञानता वश मानव मे इतनी शक्ति नही है कि वह अपने बन्धनो से मुक्त हो सके ।
केवल सदगुरु ही मानव को सत्य का ज्ञान का प्रकाश देकर मन माया के प्रबल बन्धनो को काटकर, उसे मुक्ति प्रदान कर सकते है ।
प्रात:आरती के सुमधुर बेला में की कोटी कोटी
🌻सादर सप्रेम 🌻🙏 साहेब बंदगी साहेब🙏