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🌹 *वल्लभ साखी* 🌹
❗ *मैं इन चरण न छाड़िहों, श्री वल्लभवर ब्रज ईश*
*जो लों तन में स्वांस है, तो लों चरण धरो मम शीश ।। 9️⃣।।*❗
🦚 अपने यहाँ चरण चिन्ह की भावना को रखते हुए कहते हैं कि श्री वल्लभ के चरणारविन्द में अनेक चिन्ह हैं । उसमे ही एक चिन्ह है कमल का चिन्ह ।
ये कमल कौन सा है ? जो कमल हमारे वल्लभ के चरणों में समाया है ।
🦚 हमारे भगवदीय जन कहते हैं जब ठाकुर जी को श्रीराधा जी का वियोग होता है तो प्रभु के नेत्रों से अश्रुधारा बहती है और प्रभु के रोम रोम से राधे राधे की ध्वनि गूंजने लगती है तो कहते हैं कि महाप्रभु जी के चरणों में जो कमल है वो कमल खिलकर हजार पंखुड़ी वाला बड़ा कमल बन जाता है ।
🦚 जब प्रभु को श्री राधा जी का विप्रयोग होता है तो प्रभु आकर के इस कमल के मध्य में विराजमान हो जाते हैं ।प्रभु के रोम रोम रोम से राधा राधा राधा नाम गुंजार होता रहता है ।प्रभु के नेत्रों से अश्रुधारा बहने लगती है और अश्रुधारा के बहाने से प्रभु के आँखों का काजल कपोल पर आने लगता है। प्रभु को राधा जी का इतना वियोग हो रहा है कि प्रभु उसी काजल से कमल की एक एक पंखुड़ी में राधा जी का एक एक चित्र बनाते हैं।
*प•पू• श्रीयदुनाथ जी महोदय के वचनामृत का आश्रय लेते हुए वल्लभसाखी का भावानुवाद*
क्रमशः.........
✍🏻 *दिपक चिटणीस*
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*•🍃कृष्णमयीरात्रि🍃•*
*🎶श्री कृष्णायसमर्पणं🎶*
*•🍃जैश्रीराधेकृष्ण🍃•*
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