एक चीज़ जो रोज घट रही है, वो है आयु। एक चीज़ जो रोज बढ़ रही है, वो है तृष्णा। एक चीज़ जो सदा एक सी रहती है, वो है “विधि का विधान।” एक सुखद जीवन के लिए, मस्तिष्क में सत्यता, होठों पर प्रसन्नता और हृदय में पवित्रता जरूरी है। जिसका मन मस्त है उसके पास समस्त है ।
।। जय सियाराम जी ।।
🙏🏻सुप्रभात🙏🏻