जिंदगी क्या है???
कभी हंसाती है कभी रुलाती है जो हर दर्द का एहसास दिलाती है वह है जिंदगी ।।
कभी अपनों के साथ खुश है कभी पराए लोगों को भी अपना लेती है वह है जिंदगी ।।
कभी मोम से पिघल कर बिखर जाती है कभी पत्थर बनकर सबको अटका जाती है वह है जिंदगी ।।
अपनों का साथ अच्छा लगता है पर अपनों में ही पराए शब्द का एहसास करा जाती है वह है जिंदगी।।
कभी एक पल में हजारों खुशिया समेट देती है एक गम में सब बहा ले जाती है वह है जिंदगी।।
यूं तो भगवान ने सबको बराबर बनाया है पर जो इंसान को बड़े छोटे का एहसास दिलाती है वह है जिंदगी।।
दूसरों को समझाना सबको अच्छा लगता है पर जो खुद को समझा जाती है वह है जिंदगी।।
भेदभाव जब मन में भरा होता है पर चेहरे की चमक से पहचान कराती है वह है जिंदगी।।
कभी लावा जैसे गर्म तो कभी जल से शीतल हो जाती है वह है जिंदगी।।
कहीं निराशा है तो कहीं आशा है पर जीना सबको पड़ता है हर हाल में जो जीना सिखाती है वह है जिंदगी।।
जो एक रंग से कई रंग बना जाता है .....वह जिंदगी को खुशी से निभा जाता है ....पर जो चेहरे पर अंदर के अनुभव लाती है वह है जिंदगी।।
एक बार सबको मिलती है जो किसी ने दोबारा नहीं देखी वह है जिंदगी।।
कुछ बुरा है,, तो.... कुछ अच्छा भी है ! जिंदगी में ....पर जीना सबको है ..क्योंकि बहुत कीमती है ....जिंदगी बहुत कीमती है जिंदगी..........—रेनू