मैं तो चल पड़ा हूं तुम्हारी आस लिए, तुम भी चली आना, छोड़ देना हर वो सम्बन्ध जो तुम्हें समझ न सके, तोड़ आना हर वो डोर जो तुम्हें मुझसे ना जोड़ती है, मैं मिलूंगा उसी चौराहे पर जहां तुम्हारे - मेरे भाव एक होते हैं, जहां हमारे भाग्य साथ जुड़ेंगे, तुम बढ़ जाना मन में विश्वास लिए...!!!