उसको बताओ यादों में हमने जलना छोड़ दिया,
जब बाग के सभी फूलने महकना छोड़ दिया।।
आपकी यह रौनक कितने दिनों तक रहेगी यहाँ,
क्या करोगे, हमने आपके लिए खर्चना छोड़ दिया।
यह बिखरे बिखरे बाल, सुस्क चहेरा गवाही तो है,
हम चले गए आशियाने से आपने सँवरना छोड़ दिया।।
सूखा पड़ेगा आपकी जिंदगी के बाहरमें दोस्त,
मेरी इन आँखों ने जब आंसू से बरसना छोड़ दिया।।
फुर्सत मिलो तो सोचना कभी सागर के किनारे पर,
मनोज ने क्यों तेरी खुशी के लिए उछलना छोड़ दिया।।
मनोज संतोकि मानस