दिनों से क्या होता हैं ?
दिन तो हररोज गुजरते है ....
बात तो तब की है ....
जब शाम ढलती है ...
जब वो आसमा मिलता है
धरा से ..उस नदी के तट पे ...
तब तेरी यादे मिलती है मुझसे ...
एक हवा की लहर की तरह ...
उस नीले गगन में सितारों के बीच ..
जो यादे बस लम्हों में बसती है ...
वो याद आती है सारी उस वक्त ...
और ....
और फिर क्या ....
में खो जाति हूं उनमे ....
डूब जाती हु उन यादो में ...
तेरे पास होने का एहसास होता है ...
दिल खुश होता है और आंख बस बरसने लगती है ।
Dr.Divya