Gujarati Quote in Poem by શિતલ માલાણી

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Gujarati daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

माँ

कयुं तुम को न थकने का वरदान मिला हे  ?
कयुं तुम को सब सहने का उपहार मिला हे ?
कया तुम और हम अलग मिटी से बने हे ?
    कभी न तुम को रूठा देखु ।
    कभी न तुम को सोता देखु ।
    कभी भी तुम को कुछ नहि चाहिए ।
    कभी भी तुम को पुछा नहि जाये ।
सब की हां में तुम हां ही कहेती हसकर,
सब की पसंद तुम्हें याद रहती दिल पर,
अपनी इच्छा तुम न कहती खुलकर ।
        कभी भी तुम को न रोता देखु ।
        कभी भी तुम को न खोता देखु ।
        सभी से तुम घुलमिल ही जाते ।
         अपने लिए कभी समय न पाते ।
ईतनी बढ़िया खुबसूरती तुम कहा से लाते ?
दरिया जैसा दिल में सबको जगह हो देते ।
ऐ 'माँ ' तुम ईतनी सुंदर कैसे हों ?
दिल से और दिमाग से भी ईतनी
              खुबसूरत कैसे हों ?

written by : Shital malani
15-10-2020
Thursday

Gujarati Poem by શિતલ માલાણી : 111592289
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now