Hindi Quote in Poem by Noopur Pathak

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बदली नहीं हूँ मैं

गर मेरी बोल-चाल, मेरे पहनावे से,
तुम्हें मैं कोई और लगूँ;
तो कुछ देर और ठहर जाना।
मेरी बातों को मेरे गाँव तक पहुँचने में,
ज्यादा वक्त नहीं लगता।
मेरे कपडों से आती मिट्टी-नीम की भीनी-भीनी सुगंध,
ढूँढ़ लेगी तुम तक पहुँचने का पता।
क्यूँकि,
बदली नहीं हूँ मैं।

गर मेरे आसमान छूने के सपने से,
तुम्हें मैं शहरी लगने लगूँ;
तो दोबारा मेरी आँखों में झांक कर देखना।
अपने गाँव की गलियों में,
नहर किनारे, बाड़ी के पास,
बसने को तरसती निगाहें दिखेंगी।
क्यूँकि,
बदली नहीं हूँ मैं।

- नूपुर पाठक

Hindi Poem by Noopur Pathak : 111588195
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ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताओं का म्यूजिक एल्बम अंतर्धारा
ममता गिरीश त्रिवेदी
आपकी रचना यात्रा सचमुच शब्दों से संगीत तक पहुँचती दिखाई देती है।
“अंतर्धारा” केवल एक एल्बम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अनुभूतियों की बहती हुई धारा जैसा प्रतीत होता है। 🌹

Spotify पर साझा किया गया आपका ट्रैक और Amazon Music पर उपलब्ध एल्बम यह दर्शाते हैं कि आपकी कविताएँ अब सुरों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुँच रहा हैं।

आपके एल्बम ANTARDHAARA में कई सुंदर शीर्षक शामिल हैं जैसे —
“बारिश की धुन”, “बीती यादें”, “दिल के तार”, “शब्दों की रोशनी”, “सीप के मोती और ख्वाब” — ये नाम ही अपने भीतर काव्यात्मक चित्र बना देते हैं।

आपके लिए एक भावपूर्ण परिचय पंक्ति:

> “ममता गिरीश त्रिवेदी की लेखनी से निकले शब्द,
अब सुर बनकर अंतर्मन में बहते हैं — अंतर्धारा ✨”


“कविता जब संगीत से मिलती है,
तब जन्म लेती है — अंतर्धारा 🌹”



Spotify सुनने के लिए:
[Spotify – ANTARDHAARA Track](
https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA &utm_source=chatgpt.com)

Amazon Music एल्बम:
[Amazon Music – ANTARDHAARA](https://music.amazon.in/albums/B0GCNX3N79?utm_source=chatgpt.com)



https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA

ममता गिरीश त्रिवेदी

अंतर्धारा एल्बम ममता त्रिवेदी

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