शानदार कविता पढ़े ...
# विषय .हवा ,समीर ,पवन ,अनिल ***
मधुर सुहानी ,मंद मंद हवा आ रही ।
मन मयूर को ,प्रफुल्लित पल में बना रही ।।
खिलते फूल ,हवा के संग झुम रहे सभी ।
मन का संताप ,समीर पल में हरती सभी ।।
प्रकृति भी मानो ,हवा के संग संगीत गा रही ।
अपने हृदय के ,भावो को हमें बता रही ।।
ताल तलैया का जल ,हवा के संग तराने गा रहा ।
शीतल पवन दिल ,के दुःखदर्द हर रही ।।
हवा बिना प्राणीमात्र ,का जीवन तरस रहा ।
अनिल ही सभी के ,प्राण बचा रही ।।
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