तुम मुझे चाहो न चाहो ये तुम्हारा इख्तियार है
मैंने तो सिर्फ तुम्हें चाहा तुम पे ऐतवार किया है
तुम्हारी खुशियां तुम्हारे गम सब हमारे हैं
तुम्हारे जज्बातों में हम हैं कि नहीं ये तुम जानो
मेरी रातों में मेरे सपनों में अब तुम ही तुम हो
तुम्हारे हसीन ख्वाबों में कौन है ये तुम जानो
एक प्यार भरी नजर कभी इधर डालो
मेरे अरमान भी मचल रहे ये तुम जानो .