जब जब बाते कहीं रुक जाती है कहीं कोई गिलासिकावा के कारण,
उस रूठे हुए शक़्स से बात करने को मन में ही मन में जी गभरता रहता है।
जरूरत से ज्यादा गुस्से भरी कयामत के किस्से जिंदगी में आते है,
फिर भी ना जाने उसके मुस्कान भरे चहेरे के सामने एक वक़्त में प्यार का जज्बा कायम रहता है।
अनकहे दृश्य मेरे हर सफ़र में आते रहते है आंसू को रोकने ,
और समजाते रहते है की वो हर पल मेरे भीतर दिल मे बसता है।
ये वो दश्य है जो मेरे ख्वाब , खयाल बेचैनी के वक़्त में संभलाता है,
और ना जाने एक नया पल खुशियों के साथ मेरे स्वतंत्र जिंदगी को जीना सिखाता है।
DEAR ZINDAGI 🤗