जय #विजय की चिंता छोड़ निरंतर संघर्ष करना होगा।
यश स्वयं माथे पे लगेगा तन मन समर्पण करना होगा।।
मातृभूमि का स्वर्णिम गौरव हमें वापिस उसे लौटाना है।
भूल चुके हैं जिस पथ को हम उसपे गमन करना होगा।।
कम तो नहीं किसी से हम, पर दक्षता को अपनाना है
क्यों भूले और क्यों चूके यह भी चिंतन करना होगा।।
दो दिन की भिड़ंत नहीं यह युगों युगों का संग्राम है।
उत्साह नैनों में रखना पर मन में संयम रखना होगा।