खेद है जो तुम्हे मुझ से साझा करें
हर बात का राज़ होने से क्या फ़ायदा।
हम तुम्हारे ये जानते हैं सभी,
मुझ से यूं दूर होने से क्या फ़ायदा।
मै मुसाफ़िर नहीं जो बस बड़ता राहू,
म जब मंजिल ना चलने से क्या फ़ायदा
जब मंजिल नहीं हो तो पास रह लेते
इतनी दूरी के साझे से क्या फ़ायदा।
वो सनम जो मेरा थोड़ा संगदिल तो है,
हर जगह इस रुसवाई से क्या फ़ायदा।
#खेद