लंबा है सफर , है राह कठिन , पर रुकना मुझे मंज़ूर नहीं
मंज़िल पाकर ही दम लेंगे , हिम्मत है कोई गुरूर नहीं
आराम नहीं , विश्राम नहीं , संभव मंज़िल हो दूर कहीं
विश्वास मुझे खुद पर पूरा , आश्वस्त हूं पर मगरूर नहीं
आंधी , तूफां , कुछ भी आए , होंगे पथ से कभी दूर नहीं
जो जीता है सपनों के लिए , सपने होते कभी चूर नहीं
ना रुकना है , ना थकना है , जब मंज़िल हो पास नहीं
आराम हराम है हम समझें , जब तक होता है विहान नहीं
एक दिन मंज़िल हम पा लेंगे , यह सच है कोई गुमान नहीं
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#आराम