मै ने पूछा प्रेम से,
प्रेम में प्रियतम क्यो,
प्रेम ने कहा प्रेम से
प्रियतम तब तक जब तक तुम।
फिर से पूछा क्या करू,
जवाब था कुछ नहीं।
त्याग दो ख़ुद को
त्याग के बिना कुछ नहीं।
प्रेम पुण्य है मत डर,
मोह त्याग प्रेम कर,
निपुड पुण्य है ये
तू प्रेम ,प्रेम प्रेम कर।
#त्याग