हथकड़ियां, बेडिया,जंजीर क्या क्या नहीं था कैद करने के लिए,,,!
सलाखे काटने का क्या क्या इनाम नहीं रखा गया यू हर एक दिल पर,,,!
मेने तो एक नज़र में उसकी यादों के लम्हों में जिंदगी गुजार दी, जब कि,,,!
में तो मुफ्त में उम्र गुजारने का वास्ता लेकर आया था उसकी दहलीज पर ,,,!
DEAR ZINDAGI 🤗❣️