हमला करके चले दिए यूँ आंखों से
कुछ जादू सा कर दिया इस दिल पे
जज्बात हमारे हमसे ही उल्ज़ते है
तुमसे मिलने के चाह में हमे सोने नही देते है
आंखों ने भी जैसे दो पल में दोस्ती की हो तुमसे
सोने का सोचते है और आंखों से आंसू निकल आते है
आ भी जा अब इतना तड़पाना भी अच्छा नही है
जनाजे पे मेरे यूँ शुकुन से सोना ये कहाँ की इंसानियत है
#हमला