वो हमारे न हुए
आलम यह हुआ के प्यार बदल गया और वो हमारे न हुए..
रख रहा हूँ महफूज़ यादें उनकी क्योंकि वो हमारे न हुए..
तड़प उठता हूँ, कर के सब कुछ याद के वो हमारे न हुए..
चुमता हूँ छुपके से, तस्वीर को उसकी की वो हमारे न हुए..
नशा अभी भी है आँखों का उसकी के वो हमारे न हुए..
साथ निभाने का था वादा, फिर क्यों वो हमारे न हुए..
कामिनी वर्मा