#अप्रचलित
विपरीत परिस्थितियां अाई जहन की दहलीज पर,
जुनून ए दिल को शराब शवाब का मोहताज बना दिया।
ग़ालिब अतफाल को खिलौनों से खेलने की जगह मरने पर उतार दिया,
हर एक शहर में महबूब से एक नया मुमताज सा महल बनाने का माहौल बनाया गया।
जहा देख वहा खलिश ए माहॉबत से निगाहों में सागर का मशवरा बनाया गया ,
आधा अधूरा इश्क़ का नाम दे कर हर जहन को जहा से बदनाम बनाया गया।
आधे इश्क़ के तीर जिस्म की हर नब्ज के जरिए लहू की धारा में बहाया गया,
फिर नशिहत बन उसे #अप्रचलित कब्र का सफ़र चुनने का अंजाम दिया गया।
ए जिंदगी संग रह कर कुछ ऐसे जख्म पर मरहम लगाए जा रहा था,
जहा आयने में खुदकी नजरो के सामने खुद पर रुसवाई का पर्दा डाल गया।
DEAR ZINDAGI 🤗❣️