गम और मेरा कुछ ऐसा लगाव है
चूंबक की तरह जैसे खींचा जाता है
जब मिली तुमसे लगा ना अब कोई गम है
लेकिन ये तो बस मेरा ही भ्रम है
चला गया तू मुझे छोड़ के
अब मिलेंगे कोनसे मोड पे
फिरसे बिखरे जज्बात को समेट रही हूं
अब न मिले फिर कोई गम ये दुआ मांग रही हूं
#चूंबक