चला गया
सुनहरे ख्वाबों को देख बहकता चला गया
आँखें मचलती रही आंसू बहता चला गया
मैं तमन्नाओं के धारा में बहता चला गया
दिल को रोकता रहा फिसलता चला गया
सोचें उठती रहीं ज़ेहन भटकता चला गया
सुंदर पल आते रहे समय कटता चला गया
होंट हिलते रहे जुबां बेकाबू होता चला गया
दिल से यूँ तड़पता रहा दर्द बढ़ता चला गया
मज़मून बदलता रहा काम बढ़ता चला गया
ज़रूरतें आती गईं चाहत बदलता चला गया
सफ़र में रुकावट आते रहे चलता चला गया
रास्ते कटते गए मंजिल दूर होता चला गया
दुनिया के नित - नये चीज़ में खोता चला गया
खाहिशों की पूर्ति भी यूँ बाकी रहता चला गया
सुनहरे ख्वाबों को देख बहकता चला गया
आँखें मचलती रही आंसू बहता चला गया
चला गया
#Shivan