#केरल
काश मेरा दिल भी कोई कागज़ का टुकड़ा होता
रात को तेरी बाहों में तकिए के नीचे सोता
केरल में गर्मी है नैनीताल से सर्दी भेजो
जो राहत पहुंचाए ऐसा कुछ बेदरदी भेजो
बिन तेरी यादों के एक पल जीना है मुश्किल
कैसे लिख दूँ तुझको कितना चाहे मेरा दिल
अपनी एक तस्वीर लिफाफे में रख कर भिजवा दो
मैं खुद मिलने आऊँगी कुछ दिन दिल को संभालो
तुम कितनी भोली हो तुम कितने सच्चे हो
तुम कितनी सीधी हो तुम कितने सच्चे हो
पहली पहली बार ये चाहत की है
कुछ न समझ में
आये मैं क्या करूं ।