आगे बढ़ने की ठाना है तो , परवाह न कर इस दुनिया की
पांवों में बेड़ियां डालेंगे , उपहास उड़ाएगी दुनिया
मनवांछित फल पाना है , तो ठोकर मारो इस दुनिया को
तुम रुकना नहीं तुम थकना नहीं , बस आगे बढ़ते रहना है
होकर परेशान मत हार मान , है रात तो भोर भी होनी है
सागर मंथन से गरल मिला , तो अमिय मिलेगा ये तय है
जीवन पथ पर हर कठिनाई , हमको प्रतिपल ही परखती है
ना डिगें कभी ना घबराएं , दुनिया चाहे जितना भी हंसे
लक्ष्य साधकर है चलना , कुछ और न हो मन में अपने
पथ की मुश्किल इसका द्योतक , है सही राह अपनी बिल्कुल
बिना परीक्षा मिली सफलता , असफलता ही होती है
बिन बाधा गुज़रे जीवन , तो जीवन का स्वाद अधूरा है
तपकर सोना सा जब निखरोगे , हर कांटा गुलाब बन जाएगा
तब उपहास उड़ती वो नज़रें , शर्माकर खुद झुक जाएंगी
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#उपहास