तङफ तङफ के उस दिल से आह निकलती रही ,
उनको ( यीशू ) सजा दी प्यार की ,ऐसा क्या गुनाह किया , कि
चढ गए,,,,,,!, हां , चङ गए ,हां चङ गए वो
एक दिन सूली पे
ठोक दी थी याराssss ,,,,,,ठोक दी थी याराssss , ,,, ,शरीर मे अनगिनत कीले ,
बङने लगा दर्द जब मोहब्बत भी रो पङी थी ,
,रो रहे थे लोग, आस्मां भी रो रहा था ,भीग रही लहू से वो धरती भी रो पङी थी , रोते हुए लोग यीशू यीशू कह रहे थे।
तङफ तङफ के हर दिल से आह निकलती रही , ऐसी क्या मोहब्बत , कि लुट गये हा लुट गए, लुट गए हम तेरी ( यीशू ) मोहब्बत में................