श्री राम जन्मभूमि शिलान्यास के इस पूरे हप्ते भर भिन्न - भिन्न समूहों के कुछ व्यक्तियों के बयानों को सुनकर मुझसे सहसा ही "मंथरा" की याद आ जाती है इसका भी एक कारण है, राम भगवान को वन भेजने में उसकी भूमिका सर्वाेच्च रही थी,जिसके बाद प्रभु श्री राम ने बड़ी ही प्रसन्नता पूर्वक वन गमन को स्वीकार कर लिया था। लेकिन समय बीतने के साथ,नियति के अनुसार ,जब राम भगवान 14 वर्ष बाद वापस अयोध्या आए।तब उसी "मंथरा"ने गिड़गिडाते,बड़ी ही आत्मग्लानि से भरी होकर के, उनका स्वागत किया था और अपने किए पर पश्चाताप की दुहाई दी थी। वहां भी श्री राम की महानता को देखिए कि उन्होंने मंथरा को सहर्ष क्षमा प्रदान कर अपनी भक्ति प्रदान कि थी। आज भी मुझे पूर्ण विश्वास है कि वर्तमान में उपस्थित यूं तमाम मंथराओं को भी श्री राम जी अवश्य ही अपनी भक्ति प्रदान करेंगे।
..रॉयल..
🙏🏻जय जय श्री राम🙏🏻
🚩सीता राम🚩