आज स्वर्ण अक्षरोंसे लिखा जायेगा मेरे रामलल्लाका नाम,
आये आये स्वागत है ,नये मंदिरमें मेरे सीयाराम।
जो सपना सजाया इस मंदिरका स्व. अटलजीने सबकी आंखों में,
वो मूर्त स्वरूप ले रहा है आज अवध के आंगन में।
बहुतों ने जान गवाई इस सपने को सजाने में,
उन की आत्मा को मिले आज शांति इस मंदिर निर्माण में।
पूर्ण हुआ हर भारतवासीका सपना,
बनेगा मंदिर हमारे रामका अपना।
आज खत्म हुई इंतज़ार की घड़ी,
यह घड़ी है पावन बड़ी।
आओ आज दीपावली मनाएं,हमारे रामजी घर आए,
चलो सारे घरों ,महोल्लों,शहरोंको दियों से सजाए।
जय श्रीराम
निमिका.