इतनी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास कमज़ोर हो ना,
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे भूलकर भी कोई भूल हो ना।
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खड़े होकर दोनों हाथों को जोड़कर जब स्कूल के शुरू होने से पहले यह प्रार्थनाएं होती थी तब १०-१५ मिनिट खड़े रहना बहुत ही कठिन लगता था और प्रार्थना के शुरू होने के साथ ही जल्द समाप्त हो जाए ऐसी आशा रखते थे
लेकिन
आज उन प्रार्थनाओं का महत्व समझ में आता है की उस १०-१५ मिनिट के समर्पण के कारण ही स्कूल के बाकी के ५ घंटे उमंग और उत्साह में कैसे बीत जाते थे पता ही नहीं चलता था।
सचमुच, प्रार्थना ही एक ऐसी शक्ति है जो हमें परमेश्वर से रुबरु करवाती है।
आपको भी वे दिन अवश्य याद होंगे जब आप भी स्कूल में थे, है ना?
और हां, प्रार्थना के बाद हाथ आगे करके: भारत मेरा देश है। सभी भारतीय मेरे...🤪
#प्रार्थना
🙏