एक बार महर्षि नारद भगवान विष्णु के पास गए। नारद जी ने भगवान विष्णु से पूछा कि भगवान आपका सबसे बड़ा भक्त कौन है ? विष्णु भगवान ने उत्तर दिया की वो देखो , पृथ्वी लोक में खेत में जो किसान काम कर रहा है वहीं मेरा सबसे बड़ा भक्त है। नारद जी ने कहा , में प्रति क्षण आपका नाम लेता हूं , मैं क्यों नहीं। विष्णु जी ने बोला , नारद जी एक काम करो , तेल से लबालब भरा कटोरा लेकर पूरी पृथ्वी का चक्कर लगा के आओ।
परन्तु ध्यान रखना तेल की एक भी बूंद नीचे नहीं गिरना चाहिए। आया प्रभू , कहकर नारद जी रवाना हो गए।वापस आने पर विष्णु जी ने उनसे पूंछा की नारद जी अब बताइए कि पृथ्वी का चक्कर लगाने के दौरान आपने मेरा नाम कितनी बार लिया। आप भी हद करतें हो भगवान। मेरा पूरा ध्यान आपकी शर्तों पर था कि कहीं तेल की बूंद न गिरे , आपका नाम कहां से लेता। विष्णु जी ने कहा, बस यही बात उस किसान के साथ है। वह अपने कर्म में निस्वार्थ भाव से लिप्त रहते हुए एक प्रकार से मेरी पूजा ही तो करता रहता है। अब शायद तुम भी मेरी बात से सहमत होंगे नारद। नारद जी बोले , प्रभू आपकी महिमा अपरंपार है। नारायण - नारायण।
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#लिप्त