चारों ओर अशांति है पर मैं खुश हूं कि मेरा मन शांत है,
हर तरफ द्वेष एवं कलह है पर मैं खुश हूं कि मेरे अंदर कोई बैर नहीं है,
हर जगह अंधेरा है पर मैं खुश हूं कि मेरे अंदर एक रोशनी है,
हर नजर पर कंकाल है पर मैं खुश हूं कि मेरे अंदर आत्मा है,
कलयुग के इस युग में बुराईयां है तो मैं खुश हूं यह सुनकर की इस दुनिया में आज भी अच्छाई जिंदा है।
#Happy