हुआ जब प्यार,
और मिले संगिनी,
तो हुआ अहसास कि होगी अब रौनक जीवन में,
क्योंकि बात ही थी कुछ इतनी हसीन,
आधा-आधा दुःख का बांटना,
फिर तकलीफ का भी आधा बंटवारा होना,
आंसुओ के भी सहभागी बनना,
और फिर ये रिश्ते का शादी में तब्दील होना,
फिर चलता है कुछ ऐसा क्रम,
दुःख,
परेशानी,
तकलीफें,
आंसु,
पर इनमें से किसी का सहभागी न बनना,
दरार का पड़ना विवाहित जीवन में,
फिर बात आये विवाह-विच्छेद की,
और लगे कि यह सब बातें सामान्य है आजकल?
#आधा