संचित पुण्य ही मानव को उसके कठीन समय में उपयोगी साबित होता है। किसी संकटसे हम सहीसलामत बाहर निकल रहे है, तो वो है अच्छे कर्मोंका संचित वरना जानेअनजाने में इतने पाप होते है जिनका हिसाब भगवानही जाने। पुण्य का काम करते रहने से हम स्थिर है। अच्छीतरह हम इसे कर सकते है। पुण्य की मात्रा पाप शून्य हो जाये तो मानव भवसागर पार कर जायें।
#संचित