English Quote in Quotes by Deeps Gadhvi

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है शिव में बोलना चाहता हूँ पर कहने की हिम्मत नहीं रखता हूँ,
है नाथ मेरा पुरा जीवन यानि के जब से आपको समझा हुँ तब से मेने आपको अपना जीवन समर्पित कर दिया है,
किन्तु आज समय अती गती का चल रहा है,
हर मनुष्य का जीवन व्याकुल होता जा रहा है इसमें कोई बचा सकता है तो वो केवल आप ही हो महादेव,
पुरे विश्व की तरफ़ से मै आपके क्षमा चाहता हूँ किन्तु इस विश्र्व को वापस हरा-भरा कर दो निरोगी एवम् स्वस्थ कर दो महादेव,
है आदि अनादि,है त्रिकाल ज्ञानी,है देवो के देव महादेव आपके विश्व को वापस वो खुसी दे दो,
आपके इस पवित्र श्रावण मास में बस यही वर मांगने के लिए आया हुँ
यदि आपको हमारी जरूरत हो तो आप हमें आपके पास बुला सकते हो किन्तु आपको हमारा यह छोटे-से वर का स्वीकार करना होगा,
मैने इतनें सालों की आपकी हर एक तपस्या की है मुझे अती से अती सुख मिला है किन्तु महादेव वो सुख हीं क्यां सुख जो केवल अपने ही भीतर हो,
में सुख को तबी प्रतित करुगा जब पुरा विश्व सुख एवम् स्वस्थ को अनुभव करेंगा,
मुझे ज्ञात है जब आपने स्वयम् कहा की यदि कोई ऐसा दिन आता है जहाँ मनुष्य की क्षमता एवम् कार्यस्थीलता निष्फल हो जाएँ तब में शिव स्वयम् उनके निकट जा के उन सभी मनुष्यों की रक्षा करूँगा,
है महादेव आज वो दिन आ गया है,हम पुरी तरह से हार चुके है,एसा नहीं है की हमनें कोशिशे नहीं की,हमनें पुरी तरह से महेनत की है इस जानलेवा बीमारी का योग्य औषधियों बनाने में किन्तु हम बार बार असफल हो रहें हैं,
हमारी मती पुरी तरह से टुट चुकी है,हम कुछ समझ हीं नहीं पा रहे हैं कि क्या किया जाए अब तो केवल आप हीं जो हमारे वैज्ञानिको और चिकित्सको योग्य दिशा सुझाए और इस समस्या का हल निकल आएँ,
बस यही मेरी अंतिम इच्छा है महादेव.....

आप सब लोग सोंच रहे होंगे कि ये क्या दिखावा कर रहा है,
क्यां यह पोस्ट प्रशंसा पाने हेतु लीखा है...!!!!

नहीं मित्रो ऐसा नहीं है,हम सबको मिलकर यह प्रार्थना करनी चाहिए और यही हमारी प्राथमिकता है,

विधा ददाति विनयं,
विनयाद् याति पात्रताम्,
पात्रताम् याति धनमाप्नोति,
धनाद् धर्म ततः सुखम्।

विध्या से विनय आता है,
विनय से हमारा पात्र बनता है,
और,
पात्रता से धन एवम् सुख मीलता है,

यदि हम सुख को सम्मान से जिते है तो दुख में क्यूँ नहीं,
यदि हम दुख में प्रभु याद करे वही श्रेष्ठ से अती श्रेष्ठ निवारण होगा दुखो का,
आज और अभी के इस समय में हमें जरूरत धन और अपने ख़ुद के सुख की नहीं है,
आज पुरा विश्व दुखी है व्याकुल है तो हमें साथ रहेना चाहिए और हमारे पास इस बिमारी को क़ोई स्पष्ट उपाय नहीं मिल रहा है तो प्रार्थना हीं उत्तम उपाय है,

यदि इस मेरी छोटी सी प्रार्थना में आप सभी जुड़े तो हमें लगेगा की मनुष्य के जीवन में अभी करुणता है।


हर हर महादेव

English Quotes by Deeps Gadhvi : 111517959
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