आज सोमवार है और सोमवती अमावस की एक बात याद आती है,
महादेव को आखरी उम्मीद नहीं
किन्तु
पहला भरोसा बनाएँ,
फ़िर देखना मेरा महादेव स्वयम् आपके निकट होंगे,
और एक बात यह शायद मैंने कभी कीसी से कहीं नहीं है यदि कहीं है फ़िर दोहराता हूँ की,,,,,
लौटा हूँ सज़ा काट के,
बिना ज़ुर्म की,
घर आकर मैंने सारे पंछी को रीहा कर दिया,,,,,
मैं इतना ज्ञानी नहीं हुँ किन्तु मानवता में सर्वश्रेष्ठ हुँ,
मै इतना पराक्रमी नहीं हुँ किन्तु सदभावना से भरपूर हुँ,
है महादेव मैं आपको इतना नहीं जानता जितना आप मुझे जानतें हो,
यदि काल का बुलावा आएँ तो महाकाल का नाम लेके मैरी मन की ज्योति बुझे यही में चाहता हूँ.....
🔱 हर हर महादेव 🔱
#ज्योति