तुम जो हो आतुर इतने , ये बात नहीं समझाने की
एक दिन तुम भी जानोगे , अहसास किसी अनजाने की
कितना गहरा प्रीत का सागर , कोई जान न पाया है
जो डूबा इस सागर में , उसे और नहीं कुछ भाया है
प्रेम पगे दिल की आवाजें , सीधे दिल में जाती हैं
प्रेम की दुनिया बसती है , और प्रेम के गीत सुनाती है
उत्सुकता स्वाभाविक है , पर दुर्लभ बहुत ठिकाना है
सहज प्रेम तो करना है , पर दुष्कर इसे निभाना है
#आतुर