हम सक्षम हैं,
उन सभी को प्रत्युत्तर देने में
जो कुचल देते हैं हमारा स्वाभिमान,
दमन कर देते हैं हमारा आत्मसम्मान,
अपवित्र कर देते हैं हमारा तन,
तोड़ देते हैं हमारे समस्त स्वप्न,
कर देते हैं आहत हमारा कोमल मन,
छीन लेते हैं हमारी छोटी छोटी खुशियां,
पर हार जाते हैं हम अक्सर
अपने अंदर की नारी से ही,
जो कर देती है समर्पण
कभी ममता-प्रेम में,
कभी भयभीत हो जाती है
समाज के आक्षेपों-आरोपों से।
#सक्षम