अच्छाइयाँ हज़ार क्यों न हो
फिर भी,
बुराइयों पर नज़र रहती है सबकी
हौसला बनाये रख खुद पर,
दुआ तो मिलेगी ही रब की
बस करना खुद पर भरोसा
करना वक्त का इंतज़ार
देखना फिर सलामियां,
मिलेंगी पूरे जग की
यूँ ही मेहनत नहीं छूती,
कामयाबियों की ऊँचाई
त्यागनी पड़ती है जिंदगी
ऐशो ऐश्वर्य की
अब दूसरो को क्या पता
हमारी व्यथा, जीवन की
जीना सिखाते हैं वो भी
जिनको जीने नहीं आती ज़िन्दगी खुद की
आईने में निहारना किसी दिन,
काँप जाएगी रूह
छाया देखकर "खुद" की
यहाँ सुनता नहीं कोई किसी की
सब सुनते अपने अंतर्मन की
जो सुनता है सबकी,
वहीं कहलाता है सर्वक्षेष्ठ व्यक्ति
भेड़ो के इस झुंड से अलग होकर
जी लेना जिंदगी "शेरो" की