# अनुवर्ती
कही को अनकहा कर देता है
सुनी को अनसुना कर देता है
अज्ञान और आडम्बर की ओट से
देखकर भी अनदेखा कर देता है
ये कैसा मतलबी समाज है
जो समझ को ना समझी कर देता है।
पर एक किरण अभी भी बाकी है
बदलाव की उम्मीद अभी तो जागी है
हम अंधकार की गोद से निकलेंगे
कहेंगे-सुनेंगे, देख और समझ लेंगे
ये समाज नया सीखने को तत्पर होगा
फिर से हर इंसान अनुवर्ती होगा।।।
---रंगोली