सोचा था उनको दर्द देके खुश होंगे हम,
पर उनको दर्द में देख कर,हस भी ना पाए हम
सोचा था उनको रुलाने की
कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगे हम
पर जब आंखे उनकी नम हुई
तो क्यूं आंसू बहा रहे है हम
सोचा था उनको तड़पा कर
ज़िंदगी में जी उठेंगे हम
पर उनको तड़पता देख कर
तड़प तड़प कर मर रहे है हम
सोचा था उनका दिल तोड़ कर
पल पल उन्हें तोडते रहेंगे हम
पर उनको तड़पता देख कर
एक एक पल टूट रहे है हम
सोचा था उनको अहसास करवायेंगे
उनकी ज़िंदगी में क्या मायने रखते है हम
पर अब अहसास हुआ
उनके बिना हमारी ज़िंदगी में कुछ भी नहीं है हम
shilpaba chudasama