तुम्हारे विशाल नैनों के आकर्षण ने
मोह लिया मेरे मन को कुछ यूं,
मैं भूल गई अपने आप को।
तुम्हारे हृदय के प्रेम सागर में
डूब गई आकंठ इस तरह
किनारे आने की ख्वाहिश नहीं रही।
कर लिया है समाहित तुम्हारी
धड़कनों को अपने हृदय में यूँ
तुम रूठे तो रुक जाएगी उसकी गति,
यही है मेरे प्रेम की इन्तहा।
#विशाल