#उन्नति
कर सब्र तू,
कर तू यकीन।
है लक्ष्य नहीं,
तेरे लिए कठिन।
है रख उम्मीद,
रख हौसला।
तू पाएगा,
मंज़िल सदा।
न डर तू,
ना घबरा।
है ये ज़िन्दगी,
एक परीक्षा।
कर कर्म तू,
लगा मन अपना।
फिर देखना,
उन्नति होगी सदा।
बस बढ़ते जा,
तू बढ़ते जा।
ना कदम रोक,
ना हौसला।