खुशियाँ
यहाँ वहाँ क्यों ढूँढे वन्दे
खुशियाँ तेरे अंदर है
डुबकी लगाकर देख अंदर
खुशियों का समंदर है।
जब छोटी छोटी बातों से
मन आह्लादित हो जाए
जब अपनेपन में कोई
तेरे अंतर्मन को छू जाए
तब अपने को खुशनसीब
समझकर खुश हो लेना।
जब कोई अपना प्रेम नजर
से देखे और फिक्र करे
अपने मन की बात बताए
और तुम्हारी हर बात सुने
तो उन खुशनुमा पलों को जीभर जी लेना खुश हो लेना।